New Shiksha Niti,नई शिक्षा नीति, New education policy

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मोदी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी घोषणा करने का फैसला लिया है बताया जा रहा है कि सरकार जल्द ही नई को पूरे भारत भर में जल्द ही New Shiksha Niti लागू करने जा रही है| जिसके बाद शिक्षा का स्तर विशेष प्रकार से महत्वपूर्ण हो जाएगा|

इस नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरे भारत भर में जल्द से जल्द लागू करने के लिए मोदी सरकार ने मंत्री परिषद के साथ मिलकर इसे बदलने की घोषणा की है| पिछले तीन-चार सालों New Shiksha Niti को लागू करने के लिए सरकार के बीच में कई बार विचार विमर्श हुआ था लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इस नई शिक्षा नीति को लागू करने की तैयारी कर ली है|

आज पूरे देश भर में इस प्रधानमंत्री जी द्वारा शुरू किए जाने वाली New Shiksha Niti की चर्चा पूरे देश भर में तेजी से चल रही है| बताया जा रहा है कि जो अभी हाल ही में शिक्षा की व्यवस्था देश में है पर थोड़ी सी पिछड़ी हुई है जोकि इस नई 21वीं सदी के हिसाब से इतनी कुशल नहीं है| और इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार इस 21वीं सदी में New Shiksha Niti की रणनीति बना रही है|

किसी भी देश का भविष्य उसकी शिक्षा के ऊपर निर्भर करता है जहां की शिक्षा सबसे अच्छी होती है वह देश सबसे ज्यादा उन्नति शील होता है मानव संसाधन और विकास मंत्रालय और यूजीसी के द्वारा National Education Policy 2020 का संबोधन करते हुए नई शिक्षा नीति की नींव रखी है|

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020/National Education Policy 2020

➡️ National Education Policy  34 वर्ष पुरानी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 जो पहले लागू हुई थी उसके स्थान पर शुरू की जाएगी|

➡️ यह National Education Policy 2020 के क्रियान्वयन हेतु जून 2017 में पूर्व इसरो प्रमुख डॉ के कस्तूरी गंज की अध्यक्षता में एक समिति का निर्माण किया गया था इस समिति ने मई 2019 में नई शिक्षा नीति के ऊपर अपना प्रस्ताव प्रस्तुत किया|

➡️ नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शुरुआत की जा रही है यह शिक्षा नीति स्वतंत्र भारत की तीसरी शिक्षा नीति है इसके पहले सन 1968 में पहली शिक्षा नीति, सन 1986 में दूसरी शिक्षा नीति और अब यह तीसरी शिक्षा नीति लागू होने जा रही है|

➡️ भारत की प्रथम शिक्षा नीति को श्रीमती इंदिरा गांधी के कार्यकाल में लाई गई थी और भारत में दूसरी शिक्षा नीति राजीव गांधी जी की सरकार में लाई गई थी| और इसके बाद सन 1992 में PV नरसिम्हा राव ने शिक्षा नीति में संशोधन किया था|

➡️ मोदी सरकार ने 34 साल के बाद आई नई शिक्षा नीति में कई प्रकार के बड़े बड़े बदलाव प्रकार के संशोधन किए हैं|

➡️ सरकार की इस नई शिक्षा नीति में बच्चों के ऊपर जो बोर्ड परीक्षा का भार होता था उसके भार को अब कम कर दिया है और यह बताया गया है कि अब उच्च शिक्षा के लिए भी सिर्फ एक नियामक होगा|

➡️ और इसके बाद इस नई शिक्षा नीति में अगर कोई बच्चा पढ़ाई बीच में छोड़ता है तो वह अपनी वहीं से फिर से पढ़ाई शुरू कर सकता है उसके बीच की पढ़ाई बेकार नहीं जाएगी|

➡️ स्कूलों में 10+2 खत्म हो जाएगा और शुरू होगा 5+3+3 का फॉर्मेट

➡️ विद्यार्थी को स्कूल के पहले 5 वर्ष तक प्री प्राइमरी स्कूल के 3 साल कक्षा एक और कक्षा दो सहित फाउंडेशन स्टेट को भी शामिल किया जाएगा|

➡️ नई शिक्षा नीति में इन 5 सालों के लिए पढ़ाई के लिए एक विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा|

नई शिक्षा नीति में अगले 3 साल का स्टेज 3 से 5 तक का होगा|

➡️ इसके बाद विद्यार्थी छठी कक्षा में आएगा तो उसे प्रोफेशनल और स्किल की शिक्षा दी जाएगी स्थानीय स्तर पर इंटर्नशिप से भी कराई जाएगी ताकि विद्यार्थी को रोजगार के अच्छे अवसर मिल सके|

➡️ स्टेज 4- इसमें कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई होगी जिसका समय 4 साल का होगा|

➡️ इसमें विद्यार्थियों को अपने अनुसार विषय चुनने की आजादी रहेगी|

➡️ विद्यार्थी अपने अनुसार साइंसिया गणित के अन्य सभी पढ़ने की पूर्णता मंजूरी मिलेगी पहले कक्षा 1 से 10 तक सामान्य सिर्फ 11 वी कक्षा में ही विषय सुन सकते थे लेकिन अब ऐसा शुरुआत से ही कर सकेंगे|

सरकारी स्कूलों में आएंगे नई शिक्षा नीति के तहत विशेष बदलाव|

➡️ सरकार की नई शिक्षा नीति लागू हो जाने के बाद सभी बच्चों को शुरुआत के 5 साल फाउंडेशन स्टेज में गुजारने होंगे लेकिन इसके पहले ऐसा नहीं था अभी तक सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से ही क्लास शुरु हो जाती थी|

➡️ फाउंडेशन स्टेज के आखिरी 2 साल पहले कक्षा और दूसरी कक्षा के होंगे 5 साल के फाउंडेशन स्टेज के बाद बच्चा तीसरी कक्षा में आएगा|

सरकारी स्कूलों में तीसरी कक्षा से पहले बच्चों के लिए 5 लेवल और बनेंगे|

➡️ इनका सिस्टम कुछ इस प्रकार से है 5 +3 + 3 + 4 एजुकेशन सिस्टम पहले के 5 साल 8 साल के लिए होगा| इसका मतलब आप ऐसे समझ सकते हैं कि स्कूल में अब जानकारी 3 साल से ही प्रवेश मिलना शुरू हो जाएगा|

➡️ उसके बाद अगले 3 साल से 8  साल के बच्चों के लिए है

नई शिक्षा नीति की मुख्य बातें:-

नई शिक्षा नीति में कक्षा 5 तक बच्चों को उनकी मातृभाषा और स्थानीय क्षेत्रीय भाषा के द्वारा पढ़ाई जाएगी और उन्हें उसका ही ज्ञान दिया जाएगा इसके बाद कक्षा 8 के बाद भी इसे बढ़ाया जा सकता है इसके बाद जब विद्यार्थी सेकेंडरी लेवल की तैयारी करेंगे तो उन्हें विदेशी भाषाओं का ज्ञान दिया जाएगा लेकिन नई शिक्षा नीति में यह भी बताया गया है कि किसी भी विद्यार्थी के ऊपर किसी भी भाषा को थोपा नहीं जाएगा|

  • सरकार ने इस National Education Policy 2020 को लागू करने के बाद सन 2030 तक शिक्षा के स्तर में शो पीस दे बढ़ावा आने की घोषणा की है|
  • अभी भी कई बच्चे ऐसे हैं जो कि बुनियादी शिक्षा से दूर हैं सरकार की इस नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू हो जाने के बाद सभी बच्चे शिक्षा हासिल कर सकेंगे|
  • सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू हो जाने के बाद इसके पाठ्यक्रम में कुछ विशेष बदलाव किए हैं जैसे स्कूल पाठ्यक्रम के 10+2 की जगह 5 + 3 + 3 + 4 के पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ाई की जाएगी|
  • उसके बाद के 3 साल 8 से 11 साल के बच्चों के लिए है
  • उसके बाद के अगले 3 सालों में 11 साल से लेकर 14 साल तक के बच्चों के लिए और स्कूल में सबसे अंत के 4 साल 14 से 18 बच्चों के लिए निर्धारित किए गए हैं|

छठी कक्षा से दी जाएगी बच्चों को रोजगार की शिक्षा:-

➡️ नई शिक्षा नीति में मोदी सरकार ने बच्चों के लिए रोजगार की शिक्षा देने का भी प्रावधान रखा है| जिसके अंतर्गत बच्चों के कौशल को विशेष बढ़ाया जाएगा|

➡️ New Shiksha Niti में अब छठी कक्षा से ही बच्चों के प्रोफेशनल और स्कूल की शिक्षा दी जाएगी तथा जो भी स्थानीय इंटर्नशिप की जानकारी होती है वह भी बच्चों को कराई जाएगी|

➡️ ऐसे विद्यार्थी जो कि कौशल के क्षेत्र में विशेष आगे होते हैं उनको और साथ ही साथ सभी बच्चों को सरकार उनके कौशल पर विशेष जोर देगी और व्यवसायिक शिक्षा को महत्व पूर्ण रूप से उन्हें सिखाया और समझाया जाएगा|

New Shiksha Niti में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा हो जाएगी आसान:-

नई शिक्षा नीति लागू हो जाने से बच्चों के ऊपर पड़ने वाले बोर्ड के दबाव को लेकर सरकार ने कम किया है जो पहले बच्चों के ऊपर 10वीं और 12वीं की बोर्ड कक्षा का प्रेशर उनके दिमाग पर रहता था और इस नई शिक्षा नीति के लागू हो जाने से यह कम हो जाएगा|

10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में इस नई शिक्षा नीति को देखते हुए बड़े बदलाव किए जाएंगे जैसे साल में दो बार परीक्षाएं कराना दो हिस्सों में एग्जाम कंडक्ट करवाना और उन सभी परीक्षाओं के अंकों को जोड़कर ही बच्चों का रिजल्ट घोषित किया जाएगा|

परसों में नई शिक्षा नीति के अनुसार उनके ज्ञान के परीक्षण के ऊपर विशेष जोर दिया जाएगा जिससे कि उन्हें किसी भी विषय को रखने की आवश्यकता ना हो वह उसे समझ कर और उसके बारे में जाने जिससे उनकी बुद्धि का विकास हो|

 

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